Monster Incharge

life in Asthenosphere

go green

दिल-ए-गुल्फाम से निकले तो वीराँ आया,


वो तेरी झील से आँखों का इक सलाम आया,


तेरे आगोश से नि
कलेंगे तो खबर होगी हमें,


खुदा कहाँ से तेरी आँखों के हरे रंग लाया,


उसके लब की एक धर्ध्राहट से,


पत्थर के दिल मैं भी इक अरमां आया,


यूं तो और भी तरीके थे कत्ल करने के,


रब को जाने क्यों तेरा ही ख्याल आया !