Monster Incharge

life in Asthenosphere

Missing

वही संगमरमर सा तराशा जिस्म है पर वो महोबबत भरा दिल गुमशुदा है,

कुछ काम ना करे टूटे शब्दों के तीर या खुदा ये क्या आपदा है ;

इक और रात तेरी सोच मैं कटी क्या ये तुझ को पता है


सोचता हूँ तुझ से करूँ शिकायत,

पर खामोशी तो महोब्बत का क़ायदा है


छोड़ आओ घर मेरे लावारिस ज़जबातों को 

अगर किसी को तेरा घर पता है;


देखना मारे खुशी के मर ना जाए

वो शख्स जो मेरा कफ़न नापता है

क्यों के तेरे दिए ज़ख़्मो के बीच में मेरा जिस्म लापता है .