zinda hoon
जो जी न पाया जिन्दा हूँ उस पल क लिए वो पल जो जिंदगी मैं कभी आया ही नहीं,
हकीक़त क्या सपने मैं भी उसे जी पाया नहीं, न सोचा आज क्या होगा न सोचा खभी कल क लिए
जो जी न पाया जिन्दा हूँ उस पल क लिए.
उस पल क लिए मैंने जिंदगी को फ़ना कर दिया, फिर मौत ने आगोश मैं लेने से मना कर दिया, उसके पास भी कब वक़त था मुझ पागल क लिए
जो जी न पाया जिंदा हूँ उस पल क लिए
मेरी जिंदगी को मकसद उसको जिंदगी मैं लाना था, मैंने सोचा आज कया होगा,उसने कहा अलविदा मुझे अपने कल क लिए जो जी न पाया जिंदा हूँ उस पल क लिए…….